नागरिक चार्टर

i. संगठन संरचना
 
सामान्य निकाय
      ।
कार्यकारी परिषद
      ।
बा.चि.स.भा., मुख्य कार्यालय, मुम्बई
      ।                                 ।
शाखा कार्यालय नई दिल्ली     शाखा कार्यालय चेन्नई

 
ii. दृष्टि
बाल चित्र समिति, भारत (बा.चि.स.भा.) की स्थापना 1955 में बच्चों के लिए फिल्मों के माध्यम से मनोरंजन और शैक्षिक आवश्यकताओं को देखते हुए उन्हें विशुद्ध और स्वस्थ मूल्य आधारित मनोरंजन प्रदान करने के उद्देश्य से की गई। बा.चि.स.भा.विशेष रूप से बच्चों के लिए उपयुक्त बाल फिल्में बनाना तथा प्रदर्शित करना चाहता है ।
 
iii. लक्ष्य
बाल चित्र समिति, भारत का लक्ष्य बच्चों की फिल्मों को देश और विदेशों में बाल फिल्म आंदोलन को बढ़ावा देना, प्रसार करना तथा उसका हौसला बढाते हुए करना है ।
 
iv. सेवा मानक

क्र.सं.

मुख्य सेवा

मानक

1.

बाह्य निर्माता के आधार पर फिल्में बनाने लिए प्रस्ताव

भावी फ़िल्मकार

2.

प्रदर्शन के विभिन्न प्रकार के लिए फिल्मों के प्रिंट भाडे पर देना

फिल्म वितरण

3.

35 एम एम और 16 एम एम में सिनेमाघर / गैर – सिनेमाघर प्रदर्शन

सिनेमाघर / स्कूल

4.

निजी संस्था / व्यक्तिगत प्रदर्शन

संबंधित संस्था / व्यक्ति कॊ देखने के लिए बाल चित्र समिति , भारत फिल्मों की वीसीडी / डीवीडी खरीद सकते हैं

5.

दूरदर्शन केन्द्र (केंद्रीय / क्षेत्रीय)

मूल संस्करण + डब संस्करण की आपूर्ति मनोरंजन प्रदान करने के
लिए की जा सकती है

6.

सप्ताह / लघु बाल फिल्म समारोह

जिला और राज्य स्तरीय अधिकारियों बा.चि.स.भा.फिल्मों की प्रदर्शन करतॆ हैं

7.

“बाल चित्र फिल्म बोनान्ज़ा”

बा.चि.स.भा.ऐसे बोनान्जा आयोजित करती है

8.

फिल्म प्रशंसा / वीडियो / एनिमेशन पटकथा लेखन कार्यशालाएं

बा.चि.स.भा.ऐसी कार्यशालाएं आयोजित करती है.

9.

अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव समारोहों

बा.चि.स.भा.ऐसे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म का आयोजन हर दो साल में एक बार करती है.

 

v. शिकायत निवारण प्रक्रिया :
बा.चि.स.भा.भावी फिल्मकार या प्रदर्शक या किसी अन्य प्राधिकारी या व्यक्ति से कोई शिकायत प्राप्त होने पर उसका निवारण 3 दिनों के भीतर करती है और फिर प्राथमिकता के आधार पर मामले को देखकर / उसको सुलझाते है ।

लोक शिकायत अधिकारी
श्री वी. कृष्णन, प्रशासनिक अधिकारी
शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन सं
23538592, 23516136 23521120,
वेबसाइट पता: www.cfsindia.org
ई-मेल: admin@cfsindia.org
शिकायत दर्ज करने पर व्यक्ति की अपेक्षित प्रतिक्रिया : 3 दिनों के भीतर शिकायत की प्राप्ति का स्वीकार और फिर मामले की तलाश / प्राथमिकता के आधार पर मामले को सुलझाना ।

निवारण के लिए समय रेखा: हितधारकों / ग्राहक सॆ लिखित अनुरोध के बाद से तीन दिन
हमारे ग्राहक हैं:

1. भावी – फिल्म निर्माताओं.
2. फिल्म वितरक और आयोजक
3. स्कूल के छात्र
4. स्कूल, निजी तथा सरकारी संगठनों, निजी व्यक्तियों
5. दूरदर्शन केन्द्र (क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय नेटवर्क दोनों), विभिन्न सैटेलाइट चैनल जैसे स्टार गोल्ड, सहारा टीवी आदि
6. जिला और राज्य प्राधिकारियों और संघ राज्य क्षेत्रों.
7. अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं और निदेशकों
8. विक्रेताओं / सेवा आपूर्तिकर्ता.

 
(1) निर्माण
भावी – फिल्म निर्माता :
(सार, पटकथा बजट आदि के अनुमोदन के बाद) फिल्म निर्देशक के साथ एक करारनामे में शामिल होकर बच्चों की फिल्म बनाने का अवसर । वास्तव में बाहरी निर्माता / कार्यकारी निर्देशक द्वारा बच्चों की फिल्म बनाने के लिए प्रस्ताव (प्रपत्र ‘क’ में)प्रस्तुत करने के बाद अप्रतिदेय रु. 3000 / – माँग ड्राफ्ट के साथ, पटकथा / निर्माण समिति द्वारा साथ मंजूरी प्राप्त होने के बाद के आवेदक के पास विस्तृत पटकथा (प्रपत्र ‘ख’ में रु.3000 /- के माँग ड्राफ्ट के साथ) प्रस्तुत करने के लिए वापस जाता है जो बाद में पटकथा समिति के सदस्यों को वितरित किया जाता है । एक बार पटकथा समिति द्वारा पटकथा अनुमोदित की जाए , वह उस प्रस्ताव को बननेवाली फिल्म के बजट को देखनेवाले मूल्यांकन समिति के समक्ष निर्माण के अंतिम चरण हेतु रखा जाता है । मूल्यांकन समिति द्वारा अनुमोदन होने पर, फिल्म निर्माण के लिए बा.चि.स.भा और प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले फिल्म निर्माता के बीच करार किया जाता है । कार्यकारी निर्माता और बा.चि.स.भा के बीच किसी विवाद की स्थिति में मध्यस्थ निर्णय संबंधी प्रावधान का उपयोग किया जा सकता है । कार्यकारी निर्माता / निर्देशक
को किए जाने वाले भुगतान का विवरण निम्नानुसार विनियमित हैं:

 

करारनामे पर हस्ताक्षर करने के बाद निर्देशक द्वारा बैंक गारंटी प्रदान करने के बाद ही बा.चि.स.भा. निर्देशक को स्वीकृत राशि से केवल 50% प्रदान करेगा ।
क) राशि 1 : प्रथम बैंक गारंटी प्रस्तुत करने पर अनुबंध राशि का 20%. (कुल बजट के 20% की राशि)
ख) राशि 2 : द्वितीय बैंक गारंटी प्रस्तुत करने के सामने अनुबंध राशि का 30% (कुल बजट के 30% की राशि) अथवा पर्याप्त अचल परिसम्पत्ति और संपत्ति आदि होने की प्रतिभूतियां आदि निर्धारित प्रपत्र में उनमें से दो राशि में से एक के लिए प्रस्तुत करें । अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन के मामले में बा.चि.स.भा. को बकाया राशि के वापसी हेतु संयुक्त और पृथक रूप में प्रतिभूतियां जिम्मेदार होगी।
ग) राशि 3: अनुबंध राशि का 30% मु.का.अ.,बा.चि.स.भा. को निर्धारित “प्रपत्र”, में संपूर्ण सामग्री का रफ कट और दृष्टिबंधक के अनुमोदन पर और आग और सभी फिल्म / वीडियो सामग्री को चोरीसहित सभी जोखिमों से उसके अपने मूल्यपर बीमा से सुरक्षित करने के बाद तथा फिल्म पूरी होने तक बा.चि.स.भा. की ओर से सामग्री उनके सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा तथा सभी सामग्री बा.चि.स.भा. को सौंपा जाएगा ऐसा पत्र मान्यता प्राप्त फिल्म प्रयोगशाला और स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बाद दिया जाएगा।
घ) राशि 4: शेष 20% फिल्म के विधिवत प्रमाणीकरण तथा डिलिवरेबल्स की सूची में वर्णित पूरे सामग्री की
स्वीकृति के वितरण के बाद दिया जाएगा ।
कृपया ध्यान दें कि यदि रफ कट को बा.चि.स.भा. की पटकथा समिति की संतुष्टि और अनुमोदन प्राप्त नहीं होता तो बा.चि.स.भा. को परियोजना के भुगतान को रोकने का अधिकार होगा ।

 

(2) विपणन :
फिल्म वितरक / आयोजक
फिल्म वितरक संदर्भित किराया शुल्क के भुगतान पर विभिन्न प्रकारों के प्रदर्शन के लिए बा.चि.स.भा.से फिल्मों के
प्रिंट किराये पर ले सकते है ।
स्कूल के बच्चे :
बा.चि.स.भा.देश भर के बच्चों के लाभ के लिए फिल्मों के सिनेमाघर / गैर – सिनेमाघर में प्रदर्शन आयोजित करता है ।
स्कूल. सरकारी संगठन. निजी संस्थान /व्यक्तियों कॆ लिए :
यह प्राधिकारी बा.चि.स.भा.की फिल्मों को देखने के लिए डीवीडी खरीद सकते हैं । एक डीवीडी का मूल्य रु. 150 / – है जबकि एक सॆ अधिक डीवीडी की छूट सहित कीमत निम्नानुसार है:
एक सॆ नौ डीवीडी: रु.150 / -
दस से उन्नीस डीवीडी: रु.135 / -
बीस सॆ उनचास डीवीडी : रु. 120/-
पचास सॆ अधिक डीवीडी : रु. 100/-
20 डीवीडी तक का कुरियर शुल्क : रु. 200/-
21 सॆ 80 डीवीडी रु.500/- केवल भारत कॆ भीतर
भारत कॆ बाहर कुरियर कॆ लिए कृपया marketing@cfsindia.org पर पूछताछ करॆं ।

टीवी चैनल : बा.चि.स.भा. टीवी चैनलों को प्रदर्शन के लिए फिल्में उपलब्ध करता है जो उनकॆ दर्शकों को मनोरंजन प्रदान करती है ।
जिला और राज्य प्राधिकारी : दिल्ली में नवंबर 2006 में स्वर्ण जयंती फिल्म समारोह के दौरान भारत सरकार कॆ माननीय सूचना और प्रसारण मंत्रीजी ने घोषणा की कि 1.4 .2007 से लागू बा.चि.स.भा द्वारा आयोजित फिल्म प्रदर्शन के लिए बच्चों से शुल्क नही लिया जाएगा ।
बच्चों की फिल्म संगोष्ठी तथा कार्यशालाओं (एनीमेशन, वीडियो, फिल्म प्रशंसा, पटकथा लेखन) तथा बोनांझा, अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धात्मक बाल फिल्म समारोह के आयोजन हेतु फोरम / मंच

 

vii. दायित्व केन्द्र और अधीनस्थ संगठन
प्रधान कार्यालय मुंबई में तथा शाखा कार्यालय दिल्ली और चेन्नई में

 

viii सेवा प्राप्तकर्ताओं से सूचक अपेक्षाएं
बा.चि.स.भा का मुख्य उद्देश्य दोनों शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों तक पहुँचना है । उसके विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से वह अपनी फिल्मों के निर्माण तथा प्रदर्शन द्वारा अपने लक्ष्य तक पहुँचने का प्रयास करता है । इस प्रकार, बा.चि.स.भा अपने ग्राहकों और नागरिकों के साथ स्वस्थ कार्य संबंध बनाए रखने तथा समस्याओं का (यदि कोई हो) निराकरण सौहार्दपूर्ण करने की अपेक्षा करता है ।

 

महत्वपूर्ण अन्य जानकारी
अंतर्राष्ट्रीय / राष्ट्रीय – फिल्म निर्माता / निदेशक

बा.चि.स.भा उन्हें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के लिए जूरी के सदस्य होने के लिए आमंत्रित करती है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत बच्चों की फिल्मों की चैनलायझिंग एजेंसी की रचना की गई । बच्चों की फिल्मों का आयात/निर्यात और विदेश मंत्रालय के नीति द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है ।

विक्रेता / सेवा आपूर्तिकर्ता
बा.चि.स.भा. सभी विक्रेताओं / सेवा आपूर्तिकर्ताओं को तत्काल भुगतान करता है।