वो वो

निर्देशक: बुद्धदेव दासगुप्ता हिन्दी / 2011 / रंगीन / 84 मिनट

सार:
छोटा पपी पहली बार उसके दादाजी से मिलने आता है जब उसकी मां गंभीर रूप से बीमार है. एक पुरानी हवॆली में चिडचिडे मेरी चाची और एकाकी दादाजी के साथ उसका उदास रहना धीरे धीरे सर्कस मंडली, बात करनेवाली लोमड़ी, शीघ्र क्रुद्ध होनेवाला बाघ, जादू का पेड़ और वो, दादाजी के लेखन द्वारा गुमनाम आम के आगमन के साथ नया मोड़ लेता है. रॊजमर्रा की गतिविधियों में वो का अनाहुत प्रवेश हॊना, पपी और दाद्दु का जीवन अचानक छलांग लेता है और जीवन साहसिक हो जाता है.
वो, 1937 में शान्तिनिकेतन में लिखी रवीन्द्रनाथ टागोर के उपन्यास “शेय” (देट फेलो) से प्रेरित है, जो उनकी पोती नंदिनी के साथ अपने रिश्ते के बारे में है.

 

निर्देशक की जीवनी: बुद्धदेव दासगुप्ता
बुद्धदेव दासगुप्ता समकालीन भारतीय फिल्म निर्माता और ख्यातनाम कवि है. उनकी पांच फिल्मों मे से सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है और दो पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए जीते है। उनकी फिल्मों ने बर्लिन, वेनिस और लोकार्नो सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी पुरस्कार जीते है.