बा.चि.स.भा. की फिल्म गुपी गवैय्या बाघा बजैय्या (जीजीबीबी) पीवीआर सिनेमा में दिखार्इ जाएगी ।

 

भारत भर में सिनेमाघरों में गट्टू को आलोचकों की मिली प्रशंसा, सराहना, पुरस्कार और अपनी शानदार सफलता के बाद, बाल चित्र समिति, भारत ने एक नर्इ फिल्म का स्कूलों के लिए विशेष शो आयोजित करना तय किया है।

 

जनवरी 2014 से भारत भर में पीवीआर सिनेमाघरों में सुबह 9:00 बजे के शो में गुपी गवैय्या बाघा बजैय्या का प्रदर्शन किया जाएगा । यह 2014 में भारत भर में बच्चों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और प्रासंगिक फिल्में प्रदान करने की सोसायटी की पहली पहल है ।

 

जीजीबीबी सत्यजीत रे की क्लासिक गुपी गाइन बाघा बाइन नामक एनिमेटेड, संगीत रूपांतरण है । बंगाली लेखक उपेंद्र किशोर राय चौधरी की एक कहानी पर आधारित है । यह दो संगीतकार गुपी और बाघा के बारे में है जिन्हें उनका संगीत कर्कश होने की वजह से राज्य से निर्वासित किया जाता है । बाद में निर्वासित संगीतकार जंगल संगीत बजाते हैं और भूत के राजा को प्रभावित कर कई वरदान पाते है ।

 

हैदराबाद में हुए 18 वीं अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव, नवम्बर 2013 की शिल्पा रानाडे द्वारा निर्देशित उद्घाटन फिल्म थी । यह टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, मामी अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, मुंबई और अमेरिका और एशिया के अन्य समारोहों में दिखाई जा चुकी है । यह अपनी शैली एनीमेशन, सौंदर्य अपील और समकालीन सेटिंग के लिए प्रशंसित की गर्इ है । यह केवल छोटे बच्चों के लिए ही नहीं लेकिन माता पिता और वयस्कों के लिए भी एक दृश्य आह्वाद है ।

 

आम तौर पर माता पिता और शिक्षक को सिनेमाघरों में और टीवी पर प्रदर्शन की जा रही सामग्री के बारे में चिंतित होते हैं । जीजीबीबी 7-16 साल के बीच की उम्र के बच्चों के लिए 78 मिनट के अहिंसक, अर्थपूर्ण और मनोरंजक सिनेमा का वादा करती है ।

 

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अपने बच्चों को 2014 में गुपी और बाघा से दोस्त बनाएँ ।

 

सब लोगों को नया साल मुबारक हो!!!

 

श्रवण कुमार
मुख्य कार्यकारी अधिकारी