| सुरभी
(रंग / सिनेमा स्कोप)

निर्देशक पटकथा
: विशाल चतुर्वेदी
निर्माण का वर्ष
: 2008
अवधि
: 89 मिनट
संस्करण: 35 मिमी / हिन्दी
कहानी - मोहन हरि
संवाद - पदमश्री के.पी. सक्सेना
कला - शिवराज
ध्वनि - एस.के. श्रीवास्तव
निर्माण नियंत्रक - विजय तिवारी
नृत्यकला - लक्ष्मी
गीत - विनोद महेंद्र, कौसर मुनीर
संपादक - नासिर हाकिम अंसारी
एसोसिएटेड निदेशक - विजय प्रताप
संगीत - वीहान आकाश
छायांकन - अजय प्रभाकर, अस्वीन
प्रभाकर
उत्पादन डिजाइनर - श्रुति अग्रवाल
कार्यकारी निर्माता - फिल्माना
द्वारा निर्मित - सीएफएसआई |
सार
:
सुरभी की कहानी एक ऐसी
लड़की कि है जो पढ़ाई में कभी रुचि नहीं लेती और वह खेल में
भी रुचि नहीं लेती है. उसके पिता शेखर और माँ शकुंतला सुरभी
के बारे में बहुत चिंतित हैं. अब श्री शेखर और शकुंतला सुरभी
के साथ हुंडा के पड़ोसी के रूप में रहते हैं.
वे उसे विद्यालय में भेजते है. लेकिन वह हमेशा विद्यालय में
चुप रहती है. वह विद्यालय में किसी से भी बात नहीं करती. वह
अपनी पढ़ाई में भी रुचि नहीं लेती. विद्यालय के शिक्षक बहुत
सुरभी के व्यवहार से चिंतित हैं. वे इस बारे में उसके पिता
शेखर और माँ शकुंतला से शिकायत करते है ... एक दिन सुरभी पियानो
बजाती है. शिक्षक डिसूजा उसे पियानो बजाते देखकर बहुत आश्चर्य
होते है ... वह उसे मुख्याध्यापक के पास ले जाती है. मुख्याध्यापक
उसे पियानो बजाने के लिए कहती है. सुरभी पियानो बहुत अच्छी
तरह बजाती है. सब बहुत खुश और आश्चर्यजनक होते है. उसे पियानो
बजाने के लिए पंडित जी के हाथों से पुरस्कार दिया जाता है.
सभी नहीं उसके पिता, माँ और शिक्षकों सुरभी के साथ खुश हैं.
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